लखनऊ। बीते सोमवार को कोटा से लखनऊ लौटे कोचिंग के छात्रों को बिना थर्मल स्कैनिंग कराएं घर भेज दिया गया। मामला उजागर हुआ तो परिवहन निगम से लेकर जिला प्रशासन तक में हड़कंप मच गया। आनन-फानन में जिला प्रशासन ने इस लापरवाही पर परिवहन निगम को जांच के आदेश दे दिए। जिसमें पूछा गया कि रोडवेज बस छात्रों को लेकर लखनऊ के पुलिस लाइन कैसे पहुंची? जबकि छात्रों की जांच कराने बस चालक को बीबीडी पहुंचना था। परिवहन निगम के क्षेत्रीय प्रबंधक पल्लव बोस ने बताया कि आगरा से प्रयागराज जाने वाली बस में आठ बच्चें लखनऊ के थे। बाकी 38 बच्चें प्रयागराज, रायबरेली और ऊंचाहार के थे। इस बस की लोकेशन लखनऊ पहुंचने की नहीं मिली थी। बस में तैनात कांस्टेबल ने बताया कि आगरा प्रशासन ने इन बच्चों को पुलिस लाइन छोड़ने के लिए कहा था। बस पहुंचने के पहले ही छात्रों ने अपने परिजनों को पुलिस लाइन बुला लिया। वहां मौजूद पुलिस कर्मियों ने इनका ब्यौरा भरवाने के बाद बिना टेस्ट कराए छोड़ दिया। सौंपी रिपोर्ट, छात्रों की होगी जांच: रोडवेज ने जांच रिपोर्ट बुधवार को जिला प्रशासन को सौंप दी है। जिसमें आगरा से चली प्रयागराज की बस में आठ छात्र लखनऊ के बैठाए दिए गए। जबकि इस बस को लखनऊ नहीं आना था। आठ बच्चें आने की सूचना रोडवेज अफसरों को न जिला प्रशासन को दी गई। ऐसे में ये छात्र बिना टेस्ट कराएं ही घर को रवाना हो। इन छात्रों का ब्यौरा प्रशासन को भेज दिया है। अब प्रशासन इन छात्रों और उनके परिवार के लोगों का टेस्ट कराएगा।
कोटा से लखनऊ पहुंचे आठ छात्र बिना टेस्ट पहुंच गए घर